मोहम्मदआलम
समस्तीपुर। आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जनसुनवाई व्यवस्था को पूरी तरह अनुशासित और जवाबदेह बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक मुख्य सचिव, बिहार के निर्देशों के आलोक में आयोजित की गई, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता आम जनता को सुलभ और संवेदनशील शासन का अनुभव कराना है।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जिले के सभी स्तरों—जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत—के पदाधिकारी प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे और सीधे जनता से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस समय-सारणी की जानकारी व्यापक रूप से प्रचारित की जाए, ताकि दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को भटकना न पड़े और वे निश्चित दिन अपने कार्यों के लिए संबंधित कार्यालय पहुंच सकें।
बैठक में शिकायतों के निष्पादन की पारदर्शी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि प्रत्येक कार्यालय में अनिवार्य रूप से ‘शिकायत पंजी’ संधारित की जाए। इस पंजी में प्राप्त हर आवेदन का पूरा विवरण, उस पर की गई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति दर्ज की जाएगी। वरीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इन पंजियों की समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी शिकायत फाइलों में दबकर न रह जाए और तय समय सीमा में उसका समाधान हो।
एक से अधिक विभागों या क्षेत्रों का प्रभार संभाल रहे पदाधिकारियों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। ऐसे अधिकारियों को अपना विस्तृत रोस्टर तैयार करने को कहा गया है, जिसमें यह उल्लेख होगा कि वे किस दिन किस कार्यालय में जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस रोस्टर को संबंधित कार्यालयों के सूचना पट्ट पर अनिवार्य रूप से चस्पा करने तथा अन्य सार्वजनिक माध्यमों से प्रसारित करने का आदेश दिया गया, ताकि आम लोग असमंजस की स्थिति में न रहें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सुशासन की बुनियाद है। लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान होने से प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत होता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने, फरियादियों से सम्मानजनक व्यवहार करने और अनावश्यक रूप से उन्हें दौड़ाने की प्रवृत्ति से बचने की हिदायत दी।
बैठक में अपर समाहर्त्ता श्री ब्रजेश कुमार, उप विकास आयुक्त श्री सूर्य प्रताप सिंह सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। अनुमंडल, प्रखंड और अंचल स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों से अवगत कराया।
अंत में जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जनसुनवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुपस्थिति या शिकायतों को लंबित रखने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले पदाधिकारियों पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है—समस्तीपुर में जनता की आवाज सीधे सुनी जाए और शासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे।